संदेश

भगवद्गीता अध्याय 2 श्लोक 31-40: स्वधर्म का पालन और कर्मयोग की शक्ति

भगवद्गीता अध्याय 2 श्लोक 21-30: वस्त्रों की तरह शरीर बदलना और आत्मा का रहस्य

भगवद्गीता अध्याय 2 श्लोक 11-20: आत्मा की अमरता और सांख्य योग का रहस्य

भगवद्गीता अध्याय 2 श्लोक 1-10: अर्जुन का आत्म-समर्पण और सांख्ययोग का आरंभ

भगवद्गीता अध्याय 1 (41-47): अर्जुन का अंतिम तर्क और धनुष का त्याग

भगवद्गीता अध्याय 1 श्लोक 31-40: अर्जुन का तर्क—क्यों नहीं करना चाहिए स्वजनों का वध?

भगवद्गीता अध्याय 1 श्लोक 20-30: अर्जुन का विषाद और गाण्डीव का पतन

भगवद्गीता अध्याय 1 श्लोक 11-19: भीष्म की दहाड़ और पांडवों का दिव्य शंखनाद