अध्यात्म
Gita Hindi Ch 2 (1-10): अध्याय 2 श्लोक 1-10: समर्पण
जब मोह ने अर्जुन को घेर लिया, तब उसने श्रीकृष्ण की शरण ली और "मैं आपका शिष्य हूँ" कहकर मार्गदर्शन …
जब मोह ने अर्जुन को घेर लिया, तब उसने श्रीकृष्ण की शरण ली और "मैं आपका शिष्य हूँ" कहकर मार्गदर्शन …
युद्ध करने से इनकार करते हुए, शोक से भरे मन वाले अर्जुन ने गाण्डीव धनुष का त्याग कर दिया और रथ के पीछे के भा…
अर्जुन, जिसका मन मोह और करुणा से ग्रस्त है, श्रीकृष्ण से कह रहा है कि वह तीनों लोकों के लिए भी अपने स्वजनों …
युद्ध के आरंभ में, अर्जुन (गुडाकेश) ने श्रीकृष्ण (हृषीकेश) से दोनों सेनाओं के बीच रथ खड़ा करने को कहा, जिससे…
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