संदेश

भगवद्गीता अध्याय 5 (21-29): अक्षय आनंद की प्राप्ति और शांति का अंतिम सूत्र

भगवद्गीता अध्याय 5 (11-20): समदर्शिता और अज्ञान से मुक्ति का मार्ग

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 5 (1-10): कर्मयोग और संन्यास की एकता का रहस्य