अध्याय 17 श्लोक 11 - 20 | श्रद्धात्रयविभागयोग | श्रीमद्भगवद्गीता हिंदी
"कर्तव्य भाव से और बिना फल की इच्छा के किया गया कर्म ही सात्त्विक है।" श्रीमद्भगवद्गीत…
"कर्तव्य भाव से और बिना फल की इच्छा के किया गया कर्म ही सात्त्विक है।" श्रीमद्भगवद्गीत…
मैं ही सबका आदि कारण हूँ; मुझसे ही यह संपूर्ण जगत चेष्टा करता है। श्रीमद्भगवद्गीता - अध्याय 9 (श…
इच्छा और द्वेष के द्वंद्व से मुक्त होकर ही मनुष्य मुझे पा सकता है। श्रीमद्भगवद्गीता - अध्याय 7 (…
मुझसे श्रेष्ठ और कुछ नहीं; पूरा जगत मुझमें वैसे ही पिरोया है जैसे धागे में मणियाँ। श्रीमद्भगवद्ग…
कल्याण के मार्ग पर चलने वाले की कभी दुर्गति नहीं होती। श्रीमद्भगवद्गीता - अध्याय 6 (श्लोक 31-47)…
जो मुझे सबमें देखता है और सबको मुझमें देखता है, उसके लिए मैं कभी ओझल नहीं होता। श्रीमद्भगवद्गीता…
योग अति का नहीं, संतुलन का मार्ग है—न अधिक भोजन, न अधिक नींद। श्रीमद्भगवद्गीता - अध्याय 6 (श्लोक…
आपका मन ही आपका सबसे बड़ा मित्र है और सबसे बड़ा शत्रु भी। श्रीमद्भगवद्गीता - अध्याय 6 (श्लोक 1-10…
इन्द्रियों से मिलने वाले भोग अस्थायी और दुख के स्रोत हैं, सच्चा सुख केवल आत्मा के भीतर है। श्रीम…
स्वागत है Gita Hindi के इस पावन आध्यात्मिक मंच पर। श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक पूर्ण कला है। कुरुक्षेत्र के युद्ध मैदान में जब अर्जुन विषाद और मोह से घिर गए थे, तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें जो दिव्य उपदेश दिए, वही गीता के रूप में आज हमारे सामने हैं। इस वेबसाइट का मुख्य उद्देश्य Gita Hindi के माध्यम से ईश्वरीय ज्ञान को आप तक सरल और शुद्ध रूप में पहुँचाना है।
गीता का सबसे महत्वपूर्ण संदेश 'निष्कॉम कर्म' है। श्रीकृष्ण कहते हैं— "कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन" अर्थात मनुष्य का अधिकार केवल कर्म करने पर है, उसके फल पर नहीं। आज के समय में जब तनाव और असफलता का डर सताता है, तब Gita Hindi में वर्णित ये उपदेश हमें असीम मानसिक शांति और नई दिशा प्रदान करते हैं।
गीता में 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं, जो मुख्य रूप से तीन मार्गों पर आधारित हैं। हम यहाँ प्रयास करते हैं कि पाठक इन तीनों मार्गों के अंतर और महत्व को गहराई से समझ सकें:
अक्सर लोग सोचते हैं कि गीता केवल सन्यासियों के लिए है, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत है। Gita Hindi के विस्तृत लेखों द्वारा आप समझ पाएंगे कि यह एक गृहस्थ, छात्र और कामकाजी व्यक्ति के लिए कितनी जरूरी है। यह हमें क्रोध पर नियंत्रण रखना और कठिन समय में सही निर्णय लेना सिखाती है।
हमारी वेबसाइट पर हम प्रत्येक श्लोक का गहराई से विश्लेषण करते हैं। हम महाभारत के उन प्रसंगों को भी उजागर करते हैं जिनका सीधा संबंध उपदेशों से है, जैसे राजा शांतनु का इतिहास और कुरुवंश का उतार-चढ़ाव। हमारा प्रयास है कि Gita Hindi के सभी पाठकों को केवल अनुवाद न मिले, बल्कि वे जीवन के 'तत्व ज्ञान' को भी आत्मसात करें।
अध्यात्म की इस पावन यात्रा में हमारे साथ जुड़ें और अपने जीवन को श्रीकृष्ण के मार्गदर्शन से आलोकित करें।